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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा कथित चोरी मामले में नई SIT करेगी जांच

अयोध्या : अयोध्या स्थित राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी के आरोपों की जांच अब नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) करेगी। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ रेंज के इंस्पेक्टर जनरल (IG) किरण एस की अगुवाई में गठित दूसरी SIT इस मामले की जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी। टीम न केवल कथित अनियमितताओं से जुड़े सबूतों का दोबारा विश्लेषण करेगी, बल्कि मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के विभिन्न पहलुओं की भी गहन समीक्षा कर सकती है।
जानकारी के मुताबिक, नई SIT का गठन मामले में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की विस्तृत जांच के उद्देश्य से किया गया है। जांच टीम भक्तों द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए धन और अन्य सामग्री के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालेगी। इसके लिए टीम पहले से मौजूद रिकॉर्ड, दस्तावेजों और जांच से संबंधित सामग्री का अध्ययन करेगी।
सूत्रों का कहना है कि SIT पुराने साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करने के साथ-साथ कुछ नए दस्तावेज भी मांग सकती है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि चढ़ावे के प्रबंधन में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं। इसके अलावा, ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
नई SIT के जल्द ही अयोध्या पहुंचने की संभावना है। टीम वहां पहुंचकर संबंधित अधिकारियों, ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटा सकती है। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थानों में से एक है और मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों द्वारा दान और चढ़ावे के रूप में बड़ी मात्रा में राशि और अन्य सामग्री दी जाती है। ऐसे में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस मामले में पहले भी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब दूसरी SIT के गठन के बाद जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। नई टीम यह भी देखेगी कि पहले की जांच में सामने आए तथ्यों में कोई कमी रह गई थी या नहीं। इसके अलावा, यदि कोई नई जानकारी या दस्तावेज सामने आते हैं तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, SIT मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, वित्तीय व्यवस्था, चढ़ावे के संग्रह और उसके इस्तेमाल से जुड़े नियमों की समीक्षा कर सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच करना है। SIT सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
अयोध्या राम मंदिर देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल को जिम्मेदारी दी गई है।
अब सभी की नजरें SIT की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। टीम के अयोध्या दौरे के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है। दस्तावेजों की समीक्षा, संबंधित लोगों से पूछताछ और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल, SIT अपनी जांच की शुरुआती प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।





